Noida Authority: नोएडा प्राधिकरण में छुट्टी के दिन बुलाई गई बैठक को लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई है। सिविल विभाग के जीएम ए.के. अरोड़ा की ओर से साप्ताहिक अवकाश के दिन बैठक बुलाई गई थी। बैठक में वर्क सर्किल-6 से 10 तक के अधिकारियों और कर्मचारियों को शामिल होना था। क्या है पूरा मामला सूत्रों के मुताबिक, बैठक की सूचना अचानक व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए साझा की गई, जिसके बाद करीब 50 अधिकारी-कर्मचारी बैठक में नहीं पहुंचे। बैठक में अनुपस्थित रहने वालों को अब कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस में अधिकारियों और कर्मचारियों से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। अधिकारियों के फरमान पर सवाल बताया जा रहा है कि नोटिस पाने वालों में वरिष्ठ प्रबंधक, प्रबंधक, सहायक प्रबंधक और अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। कर्मचारियों के बीच इस बात को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि अगर छुट्टी के दिन आधिकारिक बैठक बुलानी थी, तो क्या इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत पूर्व अनुमति और विभागीय आदेश जारी किया गया था। कर्मचारियों का कहना है कि छुट्टी के दिन कार्यालय बुलाने की सूचना अचानक व्हाट्सऐप ग्रुप पर देना उचित प्रक्रिया नहीं मानी जा सकती। वहीं, इस पूरे मामले को लेकर प्राधिकरण में अधिकारी बनाम कर्मचारी तनाव बढ़ने की चर्चा है। छुट्टी को लेकर नए निर्देश बैठक का उद्देश्य सिविल और जनस्वास्थ्य से जुड़े कामों की समीक्षा बताया गया था। इसमें स्कूलों के नवीनीकरण, ग्राम विकास, गड्ढों की मरम्मत, जलभराव, कल्वर्ट, पेंटिंग, अतिक्रमण और आईजीआरएस शिकायतों जैसे मुद्दों की समीक्षा होनी थी। मामले के बाद छुट्टी और साप्ताहिक अवकाश में अधिकारियों की उपलब्धता को लेकर भी नए निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों को छुट्टी के दौरान मुख्यालय से बाहर जाने से पहले सूचना/अनुमति देने के निर्देश दिए गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है क्या छुट्टी के दिन बैठक बुलाने की प्रक्रिया पूरी की गई थी, और क्या कर्मचारियों को इसकी पर्याप्त सूचना दी गई थी? अब कर्मचारियों के जवाब और प्राधिकरण की आगे की कार्रवाई पर सबकी नजर है। ये भी पढ़ें: जन्माष्टमी पर बदला दिल्ली-NCR का मौसम! नोएडा-गाजियाबाद में झमाझम बारिश